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इस बार भी कटे-फटे बारदानों से बढ़ेगी किसानों की परेशानी, मार्कफेड पीडीएस और राइस मिलरों से जुटाने कर रहा तैयारी

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Central Lensवरिष्ठ संवाददाता
बुधवार, 4 नवंबर 2026•4 मिनट पठन
इस बार भी कटे-फटे बारदानों से बढ़ेगी किसानों की परेशानी, मार्कफेड पीडीएस और राइस मिलरों से जुटाने कर रहा तैयारी
इस बार भी कटे-फटे बारदानों से बढ़ेगी किसानों की परेशानी, मार्कफेड पीडीएस और राइस मिलरों से जुटाने कर रहा तैयारी (सांकेतिक तस्वीर)

धान खरीदी। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले बारदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से संबद्ध 96 सहकारी समितियों में धान खरीदी के लिए मार्कफेड द्वारा बारदानों की व्यवस्था की जा रही है। खरीदी के दौरान किसी भी केंद्र में बारदानों की कमी से काम प्रभावित न हो, इसके लिए पुराने बारदानों के पुनः उपयोग के साथ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और राइस मिलरों से भी बारदाने जुटाने की तैयारी है। इसके अलावा नए बारदानों की उपलब्धता पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

दशहरा के बाद समितियों में होंगे बारदानों के इंतजाम

अधिकारियों के मुताबिक, दशहरा पर्व के बाद समितियों में बारदानों की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। धान खरीदी के दौरान केंद्रों में किसानों से बड़ी मात्रा में धान पहुंचता है, जिसके भंडारण और परिवहन के लिए लगातार बारदानों की जरूरत होती है।

ऐसे में सभी 96 समितियों में मांग के अनुसार बारदाने उपलब्ध कराना विभाग के सामने एक महत्वपूर्ण चुनौती है। इसे ध्यान में रखते हुए मार्कफेड अलग-अलग स्रोतों से बारदाने जुटाने की कवायद कर रहा है।

पीडीएस दुकानों और राइस मिलरों से भी मिलेंगे बारदाने

बारदानों की जरूरत पूरी करने के लिए पीडीएस दुकानों से खाली होने वाले बारदानों और राइस मिलरों से प्राप्त होने वाले बारदानों का इस्तेमाल करने की तैयारी है। साथ ही नए बारदानों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी।

पुराने बारदानों में से केवल उपयोग योग्य बारदानों को ही खरीदी कार्य में लगाया जाएगा। कटे-फटे बारदानों की स्थिति और निर्धारित मानकों के अनुसार उनकी उपयोगिता का आकलन करना जरूरी होगा। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी अनुपयोगी या खराब बारदाने खरीदी के दौरान परेशानी का कारण बन सकते हैं।

खरीदी केंद्रों पर कमी न हो, इस पर जोर

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से संबद्ध सभी 96 समितियों में धान खरीदी सुचारु रूप से संचालित करने के लिए पहले से इंतजाम किए जा रहे हैं। विभाग का प्रयास है कि खरीदी शुरू होने के बाद किसी भी केंद्र पर बारदानों की कमी के कारण किसानों को परेशानी न हो और कामकाज प्रभावित न पड़े।

इसके साथ ही खरीदी केंद्रों पर चबूतरों में भूसी से भरे बारदानों की व्यवस्था करने की बात भी सामने आई है। मार्कफेड के प्रमुख बघेल के अनुसार, दशहरा पर्व के बाद समितियों में बारदानों की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी। इसके लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।

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Central Lens संपादकीय टीम

यह रिपोर्ट Central Lens के समाचार कक्ष द्वारा तथ्यों की पुष्टि और निष्पक्ष पत्रकारिता के मानकों के तहत तैयार की गई है।

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