दिग्विजय सिंह निकालेंगे सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा, वोट चोरी और चंदा चोरी के खिलाफ जारी किया डिजिटल पोस्टर; RSS पर साधा निशाना
भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी आगामी ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ की घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह यात्रा उज्जैन से शुरू होकर ओरछा होते हुए अयोध्या तक जाएगी। करीब 950 किलोमीटर लंबी इस यात्रा का आधा हिस्सा मध्य प्रदेश और आधा उत्तर प्रदेश में तय किया जाएगा।

दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि यह उनकी तीसरी बड़ी यात्रा होगी और इसे पूरी तरह गैर-राजनीतिक रखा जाएगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कथित वोट चोरी और चंदा चोरी के खिलाफ एक डिजिटल पेटिशन का पोस्टर भी जारी किया। आम लोगों से समर्थन जुटाने के लिए उन्होंने मोबाइल नंबर 8982121282 साझा किया।
RSS और मोदी सरकार पर दिग्विजय सिंह के सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और केंद्र सरकार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने संघ के पंजीकरण और उसके वित्तीय संसाधनों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि संघ अपंजीकृत संस्था है, तो दिल्ली के झंडेवाला में स्थित उसके भव्य कार्यालय और उसके वित्तपोषण के स्रोत क्या हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालयों, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और निर्वाचन आयोग में संघ का प्रभाव है। उन्होंने विभिन्न पदों पर नियुक्तियों और पदोन्नतियों में कथित अनियमितताओं का भी मुद्दा उठाया तथा प्रदीप जोशी का उदाहरण दिया।
दिग्विजय सिंह ने गुजरात में अपनी नर्मदा यात्रा से जुड़ा एक दावा भी किया। उनके अनुसार, उस समय के तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव (वन) ने उन्हें बताया था कि अमित शाह ने यात्रा में सहयोग करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि संघ के कुछ लोगों ने उन्हें RSS में शामिल होने का प्रस्ताव दिया था। इन आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं की जा सकती।
EVM और VVPAT की व्यवस्था पर उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर अपना विरोध दोहराते हुए कहा कि वह 2012 से इस मुद्दे को उठाते रहे हैं। उनका तर्क था कि कैलकुलेटर आधारित मशीनों से सॉफ्टवेयर आधारित प्रणालियों की ओर बदलाव के बाद डिजिटल धोखाधड़ी की आशंकाएं बढ़ी हैं।
VVPAT व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि मतदाता को लगभग सात सेकंड तक प्रतीक दिखाई देने के बाद आगे क्या होता है, इसे लेकर पारदर्शिता होनी चाहिए।
दिग्विजय सिंह ने महात्मा गांधी की हत्या और नाथूराम गोडसे की विचारधारा का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि गांधीजी की हत्या के लिए प्रेरणा विनायक दामोदर सावरकर और RSS से मिली थी। यह उनका राजनीतिक आरोप है।
बिना नाम लिए कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा पर निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में दिग्विजय सिंह ने सीहोर के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का नाम लिए बिना उन पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि सीहोर के पास एक कथावाचक हैं, जिनकी स्थिति दो वर्षों में काफी बदल गई है।
दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि कथावाचक ने बच्चों से कहा था कि पढ़ाई की जरूरत नहीं है और शिवलिंग पर उल्टा बेलपत्र तथा शहद चढ़ाने से वे परीक्षा में पास हो सकते हैं। उन्होंने इसके साथ यह भी कहा कि कथावाचक का अपना बच्चा परीक्षा में असफल हो गया था।
उन्होंने आगे दावा किया कि उन्हें किसी व्यक्ति ने कथावाचक के पास 350 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट होने की जानकारी दी है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
यात्रा और डिजिटल पेटिशन पर रहेंगी नजरें
दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित यात्रा धार्मिक और वैचारिक दृष्टिकोण से उज्जैन, ओरछा और अयोध्या को जोड़ने वाली होगी। उन्होंने इसे गैर-राजनीतिक यात्रा बताया है। वहीं, वोट चोरी और चंदा चोरी के मुद्दे पर जारी डिजिटल पेटिशन के जरिए उन्होंने जनता से समर्थन मांगा है।
Central Lens संपादकीय टीम
यह रिपोर्ट Central Lens के समाचार कक्ष द्वारा तथ्यों की पुष्टि और निष्पक्ष पत्रकारिता के मानकों के तहत तैयार की गई है।
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